बुरी संगत का नतीजा (कौआ और हंस की कहानी) – Hindi Inspirational Story


Hindi Story बुरी संगत का नतीज़ा कोवे और हंस की कहानी

आपका कुछ पल ही बुरे लोगों की साथ रहने भर से, आपके अच्छे कर्मों को भी बर्बाद कर देता है !

कई बार हमारे साथ ऐसा भी होता हैं कि हम पर गलत लोगों की थोड़ी सी छाव पड़ती हैं और लोग हमे उनके जैसा ही मान लेते हैं।

ग़लत लोगों के स्वभाव के कारण ही उनके साथ आपके देखे जाने के कारण लोग आपको गलत ही समझते हैं।

जैसे चोरों की संगत वाले को भी चोर मान लिया जाता हैं और लेकिन, एक अपराधी होने के वाजूद संतों के बीच होने पर लोगों को आप पहली नज़र में साधू ही लगते हैं।

Inspiring Hindi Story – कोवे और हंस की कहानी

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एक बार एक शिकारी शिकार करने के लिए जंगल में गया, बहुत दूर तक जंगल में जाने पर भी जब उसे कोई शिकार नहीं मिला, तो उसे थकान हुई और वह एक वृक्ष के नीचे आकर सो गया।

हवा तेज चल रही थी, इसलिए वृक्ष की छाया कभी कम-ज्यादा हो रही थी और धुप कभी कभी उसके मुहँ पर आ रही थी। इस दौरान वहां से सुन्दर हंस उड़कर जा रहा था।

हंस ने देखा कि वह व्यक्ति परेशान हो रहा हैं, धूप उसके मुंह पर आ रही हैं तो ठीक से सो नहीं पा रहा हैं। हंस पेड़ की डाली पर अपने पंख खोल कर बैठ गया ताकि उनकी छांव में वह शिकारी आराम से सो सके।

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उस हंस के पंख खोलने से छाया हो गयी और नींद आने के कारण शिकारी आराम से सो गया। तभी एक कौआ आकर उसी डाली पर बैठा, जिस पर हंस बैठा था। कौवे ने इधर-उधर देखा और बिना कुछ सोचे-समझे वहां मल विसर्जन कर उड़ गया, जो शिकारी के मुहँ पर आ गिरा।


शिकारी की नींद खुल गयी और वह उठ गया। शिकारी गुस्से में यहां-वहां देखने लगा और उसकी नजर हंस पर पड़ी और उसने तुरंत अपना धनुष बाण निकाला और हंस को मार दिया।

बाण हंस को जा लगा और वह नीचे गिर। नीचे गिरने के बाद, मरते-मरते हंस ने कहा, ‘मैं तो आपकी सेवा कर रहा था, मैं तो आपको छांव दे रहा था, आपने मुझे ही मार दिया? इसमें मेरा क्या दोष?

उस समय शिकारी ने कहा:

“यद्यपि आपका जन्म उच्च परिवार में हुआ, आपकी सोच आपके तन की तरह ही सुंदर है, आपके संस्कार शुद्ध हैं, यहां तक कि आप अच्छे इरादे से मेरे लिए पेड़ की डाली पर बैठ मेरी सेवा कर रहे थे।”

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लेकिन, आपसे एक गलती हो गई कि जब आपके पास कौआ आकर बैठा तो आपको उसी समय उड़ जाना चाहिए था। उस दुष्ट कौए के साथ एक घड़ी की संगत ने ही, आपके कर्मो का नाश कर दिया और आपको मृत्यु के द्वार पर पहुंचाया।


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