झारखंड की हेमंत सरकार मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंईयां सम्मान योजना की 51 लाख से अधिक लाभार्थियों महिलाओं को बिना किसी गारंटी के बैंकों से 20 हजार रुपये तक का लोन मिलेगा।

यह रकम व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने के लिए दी जाएगी, सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें स्वरोजगार और स्थायी आय का अवसर प्रदान किया जाए। बताया जा रहा है कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) और राज्य सरकार के बीच शनिवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई।
इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि शामिल थे। बैंकरों ने इस योजना में सहयोग देने की सहमति जताई है।
बिना गारंटी मिलेगा लोन
राज्य सरकार इस नई पहल के तहत मंईयां सम्मान योजना की पात्र महिलाओं को बैंकों के माध्यम से अधिकतम ₹20,000 तक का माइक्रो लोन उपलब्ध कराएगी।
इस योजना के तहत 18 से 50 साल की महिलाएं बिना किसी गारंटी के छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए कर्ज ले सकेंगी, कर्ज की किस्त को सरकार द्वारा हर महीने भेजी जाने वाली ₹2500 की सम्मान राशि में से समायोजन किया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इस लोन के लिए किसी प्रकार की गारंटी या जमानत की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार खुद बैंकों को लोन सुरक्षा का आश्वासन देगी, जिससे महिलाओं को आसानी से लोन मिल सकेगा।
सरकार का मानना है कि महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी मिलने से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, महिलाएं सिलाई, पशुपालन, किराना दुकान, कृषि आधारित कार्य या अन्य लघु उद्योग शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि एक ही परिवार में मंईयां सम्मान योजना की एक से अधिक पात्र महिलाएं हैं, तो प्रत्येक महिला को अलग-अलग ₹20,000 का लोन मिलेगा, यानि, योजना का लाभ हर पात्र महिला को मिलेगा, चाहे वह एक ही घर में रहती हो।
लोन के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- योजना से जुड़ा पंजीकरण प्रमाण
- अन्य आवश्यक दस्तावेज (बैंक के निर्देशानुसार)
महिला दिवस पर लॉन्चिंग की तैयारी
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आगामी 18 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में बजटीय प्रावधान किया जाएगा. सरकार की योजना है कि 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस स्कीम को लॉन्च किया जाए।
हालांकि, झारखंड के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को चुनाव होने हैं, जिसके कारण फिलहाल आचार संहिता लागू है और कोई औपचारिक घोषणा नहीं की जा रही है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे सोरेन सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
मंईयां सम्मान योजना को झारखंड की राजनीति में गेम चेंजर माना जाता है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2024 में हुई थी। पहले इसमें 1,000 रुपये मिलते थे, जिसे दोबारा सत्ता में आने के बाद हेमंत सोरेन ने बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया।
वर्तमान में मंईयां सम्मान योजना के तहत झारखंड की करीब 51 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है।
इस योजना पर सरकार सालाना 13,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, बिहार के सफल प्रयोग को देखते हुए झारखंड सरकार को उम्मीद है कि 20,000 रुपये का ये स्वरोजगार कर्ज महिलाओं का समर्थन और अधिक मजबूत करेगा।
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